नयी दिल्ली (3 अप्रैल 2026): भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) ने घोषणा की है कि भारत की पहली स्वदेशी डेंगू वैक्सीन के तीसरे और अंतिम चरण के नैदानिक परीक्षण (Clinical Trials) सफल रहे हैं। यह वैक्सीन डेंगू के चारों स्ट्रेन (DENV-1 से DENV-4) के खिलाफ 85% से अधिक प्रभावी पाई गई है।

मुख्य बिंदु और विस्तृत विश्लेषण:

  • परीक्षण का दायरा: इस परीक्षण में देश के 20 विभिन्न केंद्रों पर 10,000 से अधिक स्वयंसेवकों ने हिस्सा लिया। वैक्सीन सुरक्षित पाई गई है और इसके कोई गंभीर दुष्प्रभाव (Side-effects) नहीं देखे गए हैं।

  • मानसून की तैयारी: स्वास्थ्य मंत्रालय का लक्ष्य है कि इस वर्ष मानसून शुरू होने से पहले उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों (जैसे दिल्ली, महाराष्ट्र और तेलंगाना) में टीकाकरण अभियान शुरू कर दिया जाए।

  • बचत और राहत: डेंगू के कारण हर साल हजारों लोग अस्पताल में भर्ती होते हैं और मध्यम वर्ग पर भारी आर्थिक बोझ पड़ता है। इस वैक्सीन के आने से स्वास्थ्य बजट और अस्पतालों के बोझ में कमी आएगी।

  • किफायती दाम: सरकार का प्रयास है कि यह वैक्सीन 'सार्वभौमिक टीकाकरण कार्यक्रम' (UIP) का हिस्सा बने, ताकि गरीबों को यह मुफ्त या बहुत कम कीमत पर उपलब्ध हो सके।

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